जैन समाज की विभूतियों के अकस्मात निधन पर वर्चुअल दी गई श्रद्धांजलि

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जयपुर 1मई । जैन समाज की विभूतियों के अकस्मात निधन पर प्रज्ञा श्रमण जूमएप के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर जैन पत्रकार महासंघ (रजि.) तत्वावधान एवं  प्रभावना जनकल्याण परिषद्  ( रजि. ) के सहयोग से वर्चुअल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन प्रज्ञाश्रमण मुनि श्री अमित सागर जी महाराज ,  जैन संत मुनि श्री विरंजन सागर जी महाराज, जगद्गुरु डाॅ.स्वस्ति श्री चारूकीर्ति भट्टारक पण्डिताचार्यवर स्वामी जी जैन मठ, मूडबद्री ,कर्नाटक, जगद्गुरु  स्वस्ति  श्री रविंद्र कीर्ति स्वामी जी हस्तिनापुर के सान्निध्य में किया गया । जिसमें जैन संस्कृति संरक्षण के महानायक,  भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल कुमार जी सेठी, दिल्ली,  वरिष्ठ राजनेता पूर्व मंत्री मध्य प्रदेश सरकार कपूरचंद जैन घुवारा टीकमगढ़, पत्रकारिता के स्तंभ कैलाश चंद जैन विश्व परिवार ,झांसी आदि विभूतियों के आकस्मिक निधन पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष  रमेश जैन तिजारिया जयपुर ने की।

जैन पत्रकार महासंघ  के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने अवगत कराया कि उक्त वेबीनार में मुनि निकलंक सागर जी महाराज , ब्रह्म. राजेश भैया ,ब्र. अतुल भैया ,प्रतिष्ठाचार्य  अजीत शास्त्री दिल्ली,  पंडित प्रवीण शास्त्री हस्तिनापुर एवं उत्तमचंद डोंगरगढ़ आदि विद्वत, श्रावक,श्रेष्ठियों के आकस्मिक निधन होने पर जैन समाज की अपूर्ण क्षति के लिए भी  श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा का कुशल संचालन राजेन्द्र जैन महावीर सनावद ने करते हुए सर्वप्रथम  निर्मल सेठी के परिचय में  बताया कि  वे श्रावक श्रेष्ठी, जैन समाज के पितामह  अनेकों धार्मिक राष्ट्रीय-अन्तराष्ट्रीय संस्थाओं के निर्माता , अध्यक्ष,  देश की सर्वोच्चव्यापी जैन महासभा के  राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उनका देहतयाग 27 अप्रैल को हुआ।

कुशल राजनेता कपूरचंद घुवारा कुशल राजनीति के साथ बुंदेलखंड के शेर थे, उनका देह त्याग 21 अप्रैल को हुआ तथा पत्रकारिता के स्तंभ झांसी के  पूर्व मेयर,  वरिष्ठ पत्रकार,विश्व परिवार दैनिक समाचार पत्र के संस्थापक कैलाश चंद का निधन 21 अप्रैल को हुआ।

श्रद्धांजलि सभा में सर्वप्रथम कवि डॉ.  कमलेश जैन बसन्त तिजारा ने श्रद्धांजलि  गीत प्रस्तुत किया।

इस दौरान मुनि श्री अमितसागर जी महाराज ने कहा कि निर्मल सेठी जैन समाज, जैन संस्कृति की रक्षा में सदैव अग्रणी रहते थे।

जगद्गुरु डॉ. स्वस्ति श्री चारु कीर्ति भट्ठारक पंडितचार्यवर स्वामी जी ने कहा कि सेठी जी का व्यक्तित्व महान था, उनके साथ अनेकों बार जैन संस्कृति के संवर्धन के संबंध में विचार विमर्श होते थे।

जगद्गुरु पीठाधीष स्वस्ति श्री रवीन्द्र कीर्ति स्वामी जी  जम्बू द्वीपहस्तिनापुर ने कहा कि निर्मल सेठी को  परम पूज्य गणिनीप्रमुख* श्रीज्ञानमति माताजी का आशीर्वाद  था। उन्होंने जैन संस्कृति के लिए अपने जीवन के 50  वर्ष से अधिक समय दिया,  उन्होंने विदेशों में भी जैन संस्कृति का संवर्धन किया,  उनकी स्मृति में ग्रंथ का प्रकाशन हो।

इस अवसर पर मुनि श्री विरंजनसागर जी महाराज ने भी अपने संस्मरण सुनाए।

श्रद्धांजलि सभा में  डॉ. श्रेयांस जैन बडौत अध्यक्ष अ. भा. दिगंबर जैन शास्त्री परिषद ,डॉ शीतल चन्द जैन निदेशक श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर, ब्र. जय निशान्त जैन  टीकमगढ़ निदेशक प्रभावना जन कल्याण परिषद, हंसमुख गांधी इंदौर, पुनीत जैन दिल्ली  चेयरमैन टाइम्स ऑफ़ इंडिया, मणीन्द्र जैन राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दिगंबर जैन महासमिति, स्वदेशभूषण जैन वाइस चेयरमैन पंजाब केसरी समूह ,राष्ट्रीय गायक, भजन सम्राट रूपेश जैन टीकमगढ़ , प्रो भागचंद भास्कर नागपुर ,भागचंद जैन पीली दुकान ,प्रकाश मोदी चेयरमैन पारस चैनल,  सुरेश जैन आईएएस भोपाल ,जस्टिस पानाचंद जैन जयपुर, डॉ. चिरंजी लाल बगड़ा कोलकता  प्रधान संपादक दिशाबोध, प्रदीप जैन आदित्य पूर्व केंद्रीय मंत्री ,संतोष जैन घड़ी सागर, अमित कासलीवाल इंदौर, अनिल अंचल ललितपुर,त्रिभुवन  जैन कानपुर, सुमेर काला  अध्यक्ष मांगीतुंगी सिद्धक्षेत्र  महाराष्ट्र, डॉ. विमल जैन बी जे एस जबलपुर ,डॉ .जीवन प्रकाश जैन राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद्, डी के जैन डीएसपी इंदौर ,कपिल मलैया, सागर, कमल बाबू जैन जयपुर ,पवन घुवारा, विश्व परिवार के प्रदीप जैन रायपुर  ,सुनील घुवारा ,अध्यक्षता कर रहे रमेश जैन तिजारिया आदि ने उक्त जैन संस्कृति के महानायकों के कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके द्वारा जो संस्कृति के कार्य प्रारंभ किए गए वो पूर्ण हों,        तथा उनकी स्मृति में ग्रंथ का प्रकाशन हो तभी उन्हीं के प्रति  सच्ची श्रद्धांजलि है।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुनील संचय ललितपुर एवं कार्यक्रम समन्वयक उदयभान  जैन जयपुर व मनीष विद्यार्थी शाहगढ रहे।

उक्त वेबीनार में  जस्टिस विमला जैन भोपाल,जैन पत्रकार महासंघ के सलाहकार, अन्तर्राष्ट्रीय जैन विद्वान   डॉ अनुपम जैन इंदौर, जैन गजट के प्रधान संपादक  भरत काला मुम्बई,   दैनिक आचरण के सम्पादक सुनील  जैन पूर्व विधायक सागर,  संजय पापड़ीवाल,भा दि जैन  तीर्थ क्षेत्र कमेटी महाराष्ट्र, जैन पत्रकार महासंघ के दिलीप जैन जयपुर, अकलेश जैन अजमेर, डॉ  प्रगति जैन इंदौर ,राकेश चपलमन कोटा ,संजय बड़जात्या कामां, महेंद्र बैराठी जयपुर,डॉ सतीश जैन जबलपुर ,रवि जैन गुरु जी दिल्ली अध्यक्ष अखिल भारतीय ज्योतिषाचार्य परिषद्, राजेश रागी बकस्वाहा, अशोक क्रांतिकरी बल्देवगढ़ , विमल बज प्रांतीय महामंत्री युवा परिषद् राजस्थान प्रांत,  राकेश सोनी इंदौर  संपादक देवपुरी वंदना, साहिल जैन पश्चिम बंगाल ,प्रो. टीकम चंद जैन दिल्ली , डा.पीके जैन मेलबॉर्न ,ऑस्ट्रेलिया, डॉ. डीसी जैन दिल्ली,  डॉ. मनीष जैन  जबलपुर, राहुल जैन अजमेर,  संजय मरौरा,  एस बी आई, सुषमा भिलाई, पवन दीवान मुरैना, सुमति प्रकाश सागर, डॉ हरिश्चंद्र जैन मुरैना, विनोद रजवांस, डॉ यतीश जबलपुर, प्रदीप पाटनी लख़नऊ, ऋषभ चंदेरिया कोतमा, प्रो. पी के जैन छतरपुर, यशोधर दिवाकर सिवनी, अंकित जैन, श्रीपाल गंगवाल  आदि अनेकों राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ सैकड़ों श्रेष्ठियों  ने भाग लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की।तकनीकी सहयोग मोहित जैन मोही अमित सागर भक्तमंडल का रहा।

— उदयभान जैन, राष्ट्रीय महामंत्री

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