धरियावद में आचार्य सुनील सागर की धर्मसभा, श्रावक-श्राविकाएं उमड़े

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11403373_919058741488186_1762074768640791176_nधरियावद : आचार्यसुनील सागर ने कहा कि मुनि, साधक तपस्वी के चरण तुम्हारे घर या दुकान में लग जाएगा तो अपने आप आशीर्वाद मिल जाएगा। मन से निकली आवाज ही फलती है। गुरु के चरण छपवाने की जरूरत नहीं, बस अपने मन में चरण बसा लो। आचार्य सुनील सागर ने बुधवार को प्रवचन सभा में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जिसको परमात्मा पर भरोसा नहीं उसे कोई शरण नहीं दे सकता। पवित्र आत्मा की भक्ति से हमारी आत्मा भी पवित्रता प्राप्त करती है। आचार्य सुनील सागर सहित 35 मुनिराज आर्यिका माताजी ससंघ का धरियावद में पहली बार आने पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। नगर के बड़ा मंदिर गली सदर बाजार में भारी तादाद में चौके को देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा।

गुरु के सानिध्य में रहें

आर्यिकासम्मेद शिखरमति आर्यिका सम्मेशिखरमति ने कहा कि जीवन में कसाय ही परिवार का सबसे बड़ा शत्रु है, आदमी सब कुछ छोड़ सकता है किंतु स्वार्थ के कारण कसाय नहीं छूटता है। जहां स्वार्थ है, वहां साधु नहीं।

चारसाधु का हुआ केशलोच

प्राकृताचार्यसुनील सागर के सानिध्य में मुनि धर्मभूषण सागर, मुनि बुद्धितसागर, आर्यिका श्रुतमति माताजी ब्रह्मचारी वीरेंद्र का केशलोच हुआ। । दोपहर में संतों की पाठशाला, प्रतिक्रमण कार्यक्रम के साथ शाम को आचार्य संघ आरती भक्ति का आयोजन हुआ।

रिपोर्ट : श्री अभिषेक जैन रामगंजमंड़ी

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