पारसनाथ-मधुबन बनेगा विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र

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गिरिडीह
सूबे के मुख्य सचिव राजीव गौआ ने कहा कि पारसनाथ-मधुबन तीर्थक्षेत्र को विश्वस्तर का पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा। इस दिशा में सरकार की इच्छाशक्ति प्रबल है। सरकार के इस प्रयास में जनता का सहयोग अपेक्षित है। वे शनिवार को विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल मधुबन स्थित कल्याण निकेतन परिसर में पारसनाथ डेवलपमेंट प्लान पर आयोजित प्रशासनिक बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इससे पहले सुबह सवा दस बजे मुख्य सचिव गौआ और डीजीपी डीके पांडेय सहित कई विभागों के सचिव स्तर के अधिकारियों को लेकर सेना का हेलिकॉप्टर मधुबन पहुंचा। यहां उपायुक्त डॉ. एमके वर्मा और एसपी कुलदीप द्विवेदी ने अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके ठीक दस मिनट बाद कल्याण निकेतन स्थित सीआरपीएफ कैंप में पारसनाथ डेवलपमेंट प्लान को लेकर बंद कमरे में अधिकारियों की मैराथन बैठक शुरू हुई।download
बाद में प्रशासनिक अमला बारह बजे के करीब बाहर आया। कल्याण निकेतन परिसर में ही मुख्य सचिव ने स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करने के लिए खुली बैठक की जिसमें मधुबन के विभिन्न जनसंगठन सहित जैन संस्थाओं की ओर से सरकार के समक्ष वहां की मूलभूत समस्याओं को रखा गया। मुख्य सचिव सहित राज्य प्रशासन का पूरा अमला लोगों को घंटों सुनता रहा।
बाद में डीजीपी पांडेय ने जैन श्रद्धालुओं की मांग पर पारसनाथ स्टेशन से मधुबन तक रात में विशेष गश्ती की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। डीजीपी ने कहा कि इस मामले में आइजी तदाशा मिश्र पूर्व में ही धावाटांड़ में रोड अपराध को लेकर अधिकारियों को निर्देश दे चुकी हैं। मुख्य सचिव ने भी लोगों को कोरा आश्वासन देने के बाद सतह पर काम करके दिखाने का भरोसा दिया।
जागरण के सवाल पर मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार पारसनाथ डेवलपमेंट प्लान के लिए फंडिंग की व्यवस्था कर रही है। पारसनाथ से सटे गांवों में बिजली, पानी, सड़क, रोजगार के अवसर, पारंपरिक खेती और व्यवसाय सहित अन्य पहलुओं पर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गयी है। जिला प्रशासन के माध्यम से कार्ययोजना को धरातल पर उतारा जाएगा।
उन्होंने इसके लिए कोई टाइम लाइन की घोषणा तो नहीं की लेकिन इतना अवश्य कहा कि सरकार की इच्छाशक्ति प्रबल है। जनता का सहयोग मिला तो इस कार्ययोजना को काफी कम समय में पूरा कर राज्य फलक पर मॉडल के रूप में इसे स्थापित किया जाएगा।
मौके पर पीसीसीएफ बीसी निगम, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एनएन सिन्हा, वन सचिव अरुण कुमार सिंह, पीएचईडी के सचिव एपी सिंह, आरईओ के मस्तराम मीणा, एडीजी ऑपरेशन एसएन प्रधान, सीआरपीएफ के कमांडेंट पीएस कैले, डीआइजी उपेंद्र कुमार, प्रशिक्षु आइएएस शशि रंजन, प्रशिक्षु आइपीएस अंशुमान कुमार, एएसपी अभियान कुणाल, डीएसपी वन विजय ए कुजूर, आरके मेहता, शंभु कुमार सिंह, एसी आरके सिंह, डीएफओ स्मिता पंकज, डुमरी एसडीओ पवन मंडल, डीएसओ रामचंद्र पासवान, डीआरडीए के निदेशक अवध नारायण प्रसाद, डीपीओ डीके गौतम, पीरटांड़ बीडीओ विकास कुमार राय, डुमरी सीओ अनिता कुजूर सहित भारी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

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