संस्कारवान बनने के लिए जीवन में संयम व्रत जरूरी : मुनि श्री अभय सागरजी

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ललितपुर। (डॉ सुनील जैन ” संचय”)   क्षेत्रपाल मंदिर में आचार्य विद्यासागर महाराज के संघस्थ मुनि अभयसागर महाराज का संयमोत्सव पिच्छिका परिवर्तन समारोह प्रभावना पूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में धर्मालुओं ने संयम व्रत लेकर पुण्र्याजन किया। धर्मालुजनों ने सुबह पूजन अर्चन अभिषेक शान्तिधारा से कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। मुनि अभय सागर महाराज ने पिच्छिका को संयम की अमूल्य निधि बताते हुए कहा इसके माध्यम से अनेकों जीवों की जहां रक्षा होती है वहीं साधू के लिए प्रमुख उपकरण भी है। उन्होने संयमोत्सव के महापर्व पर सभी से आव्हान किया कि अपने जीवन में छोटे से छोटा व्रत भी सन्मार्ग प्रशस्त करने का कारण बनता है। धर्मसभा में मुनि प्रभात सागर महाराज ने संयमी व्यक्ति के जीवन को श्रेष्ठ बताते हुए कहा यह मोक्ष मार्ग में आगे बढऩे का कारण बनता है। ललितपुरवासियों की धर्मनिष्ठता की चर्चा करते हुए मुनि पूज्य सागर महाराज ने कहा जीवन जीने की कला सीखने के लिए जरूरी है जीवन में धार्मिक आचरण आए। उन्होने कहा जव व्यक्ति संयम की ओर बढता है तो मोक्ष मार्ग उसे स्वयं ही मिलता जाता है उन्होने संसार के लोकाचार एवं व्यवहार से हटकर धर्म के मार्ग को सुख शान्ति का कारण बताया।

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