10 साल की बच्ची को हो गया था केंसर, संथारा कर जीवन सफल बना लिया…

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मैसूर निवासी कैलाशचंद जी बोहरा के सुपुत्र दीपक जी बोहरा की सुपुत्री लाड़ली तृप्ति के सचेत अवस्था में संथारा लेने का कारण *ब्रेन ट्यूमर केंसर था????*, जो पूरे सिर में फेल चुका था, जिसका अंतिम पड़ाव था, डॉक्टर ने कहा इस बच्ची के जीने की अब कोई उम्मीद नही है, जब हॉस्पिटल से घर लेकर आये तो तृप्ति ने कहा दादाजी में अपने जिंदगी के अंतिम पड़ाव में जैन धर्म को समर्पित होना चाहती हु ओर में संथारा लेना चाहती हु, तृप्ति ने अपने मुख से संथारा के पच्छखाण लिया और संथारा ले लिया, 16/06/17 को तकरीबन 4 घंटे संथारे के पश्चात रात 11:40 मिनट पर *तृप्ति जैन ने धर्म के इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा कर अपने परिवार को अलविदा???? कह गयी,* जिस बिमारी का दर्द बडे – बडे सहन नही कर पाते है ।
वहाँ आपने इतनी अल्प वय मे जो सहनशीलता और जागृति दिखाइ है वह अत्यंत प्रशंसनीय है ।
धन्य है आपके समाधिभावो को
धन्य है आपके आत्मशक्ति को
धन्य है आपकी पुण्यवानी को
आप शीघ्रतीशीघ्र शाश्वत सुखो को प्राप्त करे।।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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