भव्य जैनेश्वरी दीक्षायें

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11188271_10202861520214011_7959373904014285279_nबीसवीं सदी के प्रथम दिगम्बराचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की परंपरा के वर्तमान पट्टाचार्य परम पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज के कर कमलो से किशनगढ़ की पावन धरा पर 29 अप्रैल को 6 भव्य जैनेश्वरी दीक्षायें संपन्न होने जा रही है ।
वैराग्य के इस क्षण के प्रत्यक्ष दर्शी बन असीम पूण्य का संचय करें।आप सभी इस आयोजन में सादर आमंत्रित है। 11156252_10202863577345438_5574845232860234284_n
दीक्षार्थी-
1.क्षुल्लिका 105 श्री विषद मती माताजी
2.ब्र.सुरेश जी ठोल्या (जोबनेर वाले)
3.ब्र. बालू लाल जी,भिंडर(आर्यिका विज्ञान मती माताजी के गृहस्थ अवस्था के पिता)
4.बा.ब्र.भारती दीदी
5.श्रीमती चंद्रकांता जी (धर्मपत्नी सुरेश जी जोबनेर)
6.श्रीमती गुणमाला जी पाटनी, किशनगढ़(धर्मपत्नी

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