ग़णिनी प्रमुख आर्यिका माँ का शिवपुरी में हुआ मंगल आगमन

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शिवपुरी : जैन धर्म की सर्वोच्य साध्वी गणिनी प्रमुख आर्यिका माँ श्री ज्ञानमति माताजी का दिनांक 27 मई 2015 को मंगल आगमन हुआ ।

समस्त समाज ने हर्षोलाष गाजे बाजे के साथ पूज्य माताजी की मंगल आगवानी की । पूज्य माताजी का शिवपुरी में 3 दिन तक मंगल प्रवास श्री महावीर जिनालय शिवपुरी में रहा । इस अवसर पर प्रतिदिन मंगल कार्यक्रम चलते रहे ।

स्वर्ण कलश रथ का देशव्यापी भ्रमण के लिये मंगल प्रवर्तन :

इस प्रवास की श्रंखला में दिनाँक 28 मई को मांगीतुंगी पंचकल्याणक के प्रचार प्रसार हेतु एक स्वर्ण कलश रथ का देशव्यापी भ्रमण के लिये मंगल प्रवर्तन भी किया गया ।

जिसका संचालक भगवान ऋषभदेव तीर्थंकर विद्वत महासंघ हस्तिनापुर के मंत्री श्री सुरेश जैन मारौरा इन्दौर को बनाया गया, एवं उन्हें पूरे देश में रथ के प्रवर्तन की महती जिम्मेदारी सौपी गयी ।

इस रथ का उद्देश्य सारे देश में भ्रमण करते हुये भगवान आदिनाथ का संदेश को फैलाना, अहिंसा का प्रचार और मांगीतुंगी में बन रही 108 फ़ीट की विशाल मूर्ति Statue Of Ahimsa‘ तथा इसके पंचकल्याणक का प्रचार प्रसार करना होगा ।

गौतम गणधर वाणी शिविर का उद्घाटन :

दिनाँक 29 मई को पूज्य माताजी एवं ससंघ द्वारा शिवपुरी शहर के विभिन्न जिनालयों की वंदना की गई ।

पूज्य माताजी के मंगल स्थानीय छत्री जैन मंदिर पर प्रात: 5:30 बजे अभिषेक, शांतिधारा, एवं पूजन करायी गई ।
प्रात: 8 बजे श्री चंद्रप्रभु जिनालय में पूज्य ज्ञानमती माताजी, पूज्य चंदनामती माताजी एवं स्वस्ति श्री रविन्द्र कीर्ति स्वामी जी तथा पूरे संघ के मंगल सानिध्य में श्री गौतम गणधर वाणी शिविर का भव्य उद्घाटन हुआ ।

विभिन्न संस्थाओं का हुआ गठन एवं शुभारंभ :

इस मंगल अवसर पर पूज्य माताजी के सानिध्य में अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवा परिषद्, शाखा शिवपुरी का गठन, अंतराष्ट्रीय दिगंबर जैन अग्रवाल महासभा, शाखा शिवपुरी का गठन, एवं णमोकार बैंक का शुभारम्भ का शुभारंभ किया गया ।

मांगीतुंगी की ओर बढ़ते कदम :

और फ़िर दिनांक 29 मई को प्रात: 5 बजे वह घड़ी आ गई जब माताजी के कदम मांगी तुंगी की ओर बढ़ गये । सभी समाज जनों ने पूज्य माताजी के सबसे बड़े मंगल विहार में इस नारे के साथ”जम्बूद्वीप से आये हैं, मांगीतुंगी जायेंगे” अपनी उपस्थिति दर्ज करायी और अपने आशुओं के साथ मंगल विदाई दी ।

रिपोर्ट : सुबोध जैन मारौरा इन्दौर

कैमरे में कैद अविस्मरणीय पल

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